Income Tax : आयकर के राडार पर हैं कच्चे-पक्के खाते वाले, खंगाल रहे पुराना रिकॉर्ड

भोपाल। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने ऐसे करदाताओं को निशाने पर रखा है जो पिछले कई वर्षों से एडवांस टैक्स की शुरुआती किस्तें कम जमा करते हैं। विभाग को शक है कि उनके पास कच्चे-पक्के खाते होंगे, ऐसे लोगों को संदिग्ध माना गया है। विभाग ने करदाताओं पर चल रहे अभियोजन में माफी योजना का भी एलान किया है। मप्र-छग में आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त एके चौहान ने पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों में 546 करदाताओं के खिलाफ 831 अभियोजन के मामले चल रहे हैं।


आयकर विभाग ने पहली बार माफी योजना शुरू की है जिसमें 31 दिसंबर तक जो लोग कंपाउंडिंग देकर आवेदन करेंगे उन्हें विभाग कोर्ट-कचहरी की झंझटों से मुक्ति मिल जाएगी। इसके लिए विभाग ने कुछ मापदंड भी तय किए हैं।


एक सवाल पर चौहान ने बताया कि ऐसे मामले जो पिछले 5-10 सालों से कोर्ट में हैं उनमें 3 अथवा 5 प्रतिशत कंपाउंडिंग शुल्क लेकर माफी दी जाएगी। उन्होंने यह बताया कि इससे करदाताओं का तनाव कम होगा वहीं विभाग भी अनावश्यक कोर्ट-कचहरी की औपचारिकताओं से बच जाएगा। इन मामलों में सरकार का कितना टैक्स अटका है? उन्होंने कहा कि धन से ज्यादा अपराध ज्यादा महत्वपूर्ण है।


चौहान ने यह भी कहा कि बेनामी लेनदेन, कालाधन, विदेशी मुद्रा से जुड़े आर्थिक अपराध, टैक्स चोरी में सजा पा चुके लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सीबीआई, ईडी, लोकपाल अथवा लोकायुक्त जिनके खिलाफ चालान पेश कर चुके हैं उनके मामले भी वापस नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि अभी 4 लोगों ने उन्हें आवेदन दिए हैं, आवेदनों के परीक्षण के बाद प्रकरण वापस लिए जाएंगे।


प्रदेश के कारोबारी जगत में मंदी को लेकर हुए सवाल पर चौहान ने दावा किया कि मंदी का असर नहीं है। अभियोजन मामलों पर वह बोले कि अक्टूबर में इंदौर में चार करदाताओं को 6-6 माह की सजा हुई है। हम करदाताओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहते इसलिए यह योजना लागू हुई है।